मुल्क-मिल्लत के हित में राजनीतिक समाधान

गैर परो से उड़ सकते है, हद से हद दीवारों तक,

अम्बर तक तो वही उड़ेगें,जिनके अपने पर होंगे।

 

मोहतरमी, दुनियाँ की पहली और मुल्क में मुसलमानों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी,1000 विधानसभाओं में जीताने की सामर्थ, एक अल्लाह-रसूल (सल्ल)-कुरआन-काबा होने के बावजूद के बद से बदतर हालात की प्रमुख वजह सिर्फ सरकारी भेदभाव और “अपनी-अपनी ढ़पली-अपना-अपना राँग” यानी मनमानी में हमारी अकसरियत का मुबतला होना है।

 

आम सोच ये है कि मुसलमान अनेको मोहलिक बिमारियों मसलक, जात, जेहालत और इलाकाई का शिकार है..अब अहम सवाल ये है कि क्या इस बीमार कौंम को उसके हालात पर छोड़ दिया जाये? दर-दर ठोकर खाने और बेईज्ज़ती की जिंदगी भुगतने के लिए छोड़ दिया जाये या यथासंभव इलाज की कोशिश कराया जायें। जैसे हम अपने मरीज को अगर एक डाक्टर से फायदा नहीं होता है तो उसे मरने के लिए छोड़ने के बजाये दूसरे-तीसरे डाक्टर से इलाज कराते है। यानी जब तक वो जिंदा रहता है तो कोशिश जारी रखते है तो कौंम की तरफ से हम मायूस क्युँ हो गये है?

 

तरीकेकारः गहन विचार विमर्श के बाद राजनीतिक कामयाबी को यक़ीनी बनाने के लिए दो हिस्सो में विभाजित किया गया हैः 1. कुरआने-पाक की आयत अम्रहुम शूरा बैनहुम,(ऐ इमानवालो) “अपने कामों को आपसी मशवरे से किया करो” (42:38) के आधार पर देशभऱ के सभी ईमानदार, निष्पक्ष और सक्रिय मुसलमानों को “राष्ट्रीय सलाहकार कौसिल” यानी “शूरा” में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। ताकि इनकी राय व सहयोग से आगामी चुनावों में किसी एक उम्मीदवार को आम सहमति से तय करके जिताने की कोशिश की जाये, क्योंकि हमारे वोटो का बँटवारा ही हमारे हारने का बड़ा कारण है। इसके अतिरिक्त 100% वोटर लिस्ट में नाम शामिल करानें, 100% वोटरो को बूध तक पहुँचाने, सीटो के आरक्षण, परिसीमन व अच्छे उम्मीदवारों को टिकट दिलाने आदि जैसे  प्रयास किये जा रहें है।

 

  1. देश दूसरे अल्पसंख्यकों व दलित भाईयों के साथ अपनी पार्टियों व संगठनों की आज़ादी बनाये रखते हुए “सहयोग दे-सहयोग ले” के सिद्धान पर यानी “जहाँ उनका फायदा हो लेकिन हमारा नुक़सान न हो और वैसे ही “जिसमें हमारा फायदा हो, लेकिन उनका नुकसान न हो” के आधार पर यथासंभव इमानदारी के साथ परस्पर सहयोग दिया जाये. इसके लिए महागठबंधन बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जैसे देश व समाज हित में या ज़ुल्म ज्यादती के खिलाफ कोई भी अभियान या प्रयास करता है तो सभी को साथ आना चाहियें और इसी तरह वो हमारे उम्मीदवार की और जहाँ हमारा उम्मीदवार नहीं है वहाँ उनके उम्मीदवार की हम हर संभव सहयोग व सहायता दी जायेगी आदि।

विशेषतायेः 1. बिना किसी भी भेदभाव के 1000 मुस्लिम इसके सदस्य कम से कम  प्रत्येक विधानसभा से बन सकते है, यानी जाति, मसलक़, अक़ीदा जैसी सभी दिवारों को हटाकर सभी को साथ लाया जा रहा है। 2. शूरा में सदर, सेक्रेट्री जैसी चीजें नही है यानी सभी को बराबर का अधिकार होगा, जिसकी वजह से किसी तरह के एखतिलाफात की गुंजाईश न के बराबर रहेगी। 3. सदस्यओं को बहुमत के आधार पर लिए गये सभी फेसलों की मानने, हर संभव सहयोग व सहायता देने की शर्त होगी यानी मनमानी करने का आदी लोगों को दूँध में से मक्खी तरह निकाल फेका गया है। 4. जो फैसला इंसान खुद लेता है..उसको पूरा करने के लिए वो दिलों-जान से पूरा करने की कोशिश करता है, इस मनोवैज्ञानिक तरीके को भी सामने रखा है। 5. शूरा के सभी फैसले आपसी मशवरे से लिए जायेगे..यानी मशवरे की वजह से अल्लाह की तरफ से खैर के भी हक़दार होगें। 6. किसी भी तरह की मनमानी, बेईमानी, खिलाफवर्जी, वादा खिलाफी आदि की शिकायत मिलने  पर संगठन की सदस्या समाप्त करने के प्राविधान की वजह से इंतशार की न के बराबर गुंजाईश रहेगी। 7. सभी फैसले आपकी आवाज़.काँम, सोशल मीडिया, ई-मेल, ऐप व मोबाईल आदि के जरियें मशवरा और बहुमत के आधार पर लिये जायेगें, और उनको मानना व अमली जामा पहँनाने में हर संभव व सहयोग देना सदस्यों की जिम्मेदारी होगी। 8. पार्टी के बजाय शूरा बनाने का फैसला करने की वजह ये है कि वैसे ही आपस में जूतियों में दाल बँट रही है..ऐसे में एक और पार्टी बनाकर आग में तेल डालने जैसा होगा। ऐसे में जो भी उम्मीदवार खड़े है उनमें से एक कंडीनेट पर इत्तफाक करना बनिस्बत आसान भी है।

 

सदस्य बनियेः यदि आप ईमानदार, निष्पक्ष व सक्रिय है तो सदस्यता शुल्क @ Rs.1/- प्रतिदिन की दर से देकर बन सकते है। फीस को आपकी आवाज़ तक पहुँचाने की जिम्मेदारी स्वम् सदस्य की होगी। आपकी आवाज़.काँम के पास सर्वाधिकार सुरक्षित है। किसी भी तरह की जानकारी या सदस्य बनने के लिए WhatsApp/Missed Call/ IMO @09213344558,Visit @Web/Fb/Twi: AapkiAwaz.Com. या http://www.aapkiawaz.com/contact-us/ पर संपर्क कर सकते है- शुक्रिया।

 

अगला कदमः राजनीतिक पार्टियों का रिपोर्ट कार्ड बनाने का काम शुरु कर रहें है..ताकि जनता को वोट देने के समय किसे वोट देना चाहियें..ये फैसला करना आसान हो जाये। अतः आप भी “किस पार्टी को और क्युँ वोट देना चाहियें”. विषय पर अपनी राय और साथ में अपने शहर की बड़ी खबरों की कटिंग, खबर या आर्टिकिंल भी भेज सकते है। अच्छी राय व खबरों को न सिर्फ देश-विदेश के लाखों-करोड़ों लोगों तक अनेको भाषाओं में आपके नाम व फोटो के साथ प्रसारित किया बल्कि उन्हे आपकी आवाज़.काँम का आई कार्ड भी दिया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए 09213344558 पर संपर्क करें-धन्यवाद।