धार्मिक समाधानः ई-लाईब्रेरी आँफ रिलीजंस / E-Library of Religions

महोदय, आपको सुचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि विश्वप्रसिद्ध  न्यूज़ पोर्टल “आपकी आवाज़.काँम” विश्व शान्ति व आर्दश भारत बनाने में योगदान देने के महान उद्देश्य से अपने तरीके की पहली “ई-लाईब्रेरी आँफ रिलीजंस” की शुरूआत कर रहे है।

 

अध्यात्म से मानव का ये और परलोक का जीवन सार्थक हो सकता है। धर्म का सही ज्ञान ही मानव को महात्मा बना देता है तो धर्म से दूरी अक्सर उसे दानव बना देती है. अगरचे आम तौर से सभी धर्मो की प्रमुख पुस्तके आनलाईन मिल जाती है, लेकिन उनमें से अधिकाँश स्कैन करके पोस्ट की गई है। जिसकी वजह से किसी विषय को तलाश करना या रिफरेंस पाने के लिए पूरी किताब पढ़ने के बाद ही संभव हो सकता है, ऐसे में धार्मिक ज्ञान को आम करने व तर्क के लिए संदर्भ की जरुरत को पूरा करने के लिए इस आनलाईन लाईब्रेरी जिसमे यूनीकोड़ अर्थात सर्च वाली सुविधा के साथ महत्वपूर्ण किताबें, आडियों व विडियों आदि पोस्ट करने की महत्वकाँछी योजना बनायी है। जिसमें बिना किसी भेदभाव के विश्व के सभी धर्मों व भाषाओं की महत्वपूर्ण किताबों को आनलाईन स्थान देने की योजना है।

 

साथ ही उन महानुभावों को ध्यान में रखते हुए जो अपने माता-पिता, सगें-संबंधियों के मोक्ष की कामना के लिए किसी भी किताब को पोस्ट कराना चाहते है. वो केवल उस किताब को यूनीकोड़ में टाईप कराकर या टाईपिंग का इंतजाम लाईब्रेरी की सेवाऐं भी ले सकते है। प्रत्येक किताब के प्रथम पृष्ठ पर स्पांसर का नाम, पता, व्यवसाय और जिसकी कामना के लिए किताब दी गई है.उसके बारे में भी विवरण दे सकते है। किसी भी तरह की जानकारी या सदस्य बनने के लिए WhatsApp/Missed Call/ IMO @09213344558,Visit @Web/Fb/Twi: AapkiAwaz.Com. या http://www.aapkiawaz.com/contact-us/ पर संपर्क कर सकते है- शुक्रिया।

 

I would like to take this opportunity to introduce you with “E-library of religions” as under:

Brief description:

It is universally accepted fact that the top priority of mankind is to live a peaceful life, to attain salvation, paradise or heaven, and the way goes through the religion. There are 11 major religions in the world and they have numerous off shoots and all claims to be true. However, following any of them is one of the biggest decision of anyone’s life as it defines his/her future.

We were surprised to know when it is brought into our knowledge that there is no single repository of important books of any religions in Indian language available online, except some books in scanned form. The main disadvantage of this is that if anyone want to search any topic or subject from your religious scanned books is not possible. Therefore, we have decided to provide it in digital searchable form. Apart from that content in typed form consume less size and easily downloadable over device / computer, can be referred, integration and propagation is easily possible, compatible with almost all the devices available in the market, can be upgraded for disabled people easily, so on and so forth.

With the aim to serve the humanity, to facilitate peaceful co-existence of different religions and to promote the spirit of brotherhood, first time in India, we are establishing “E-library of religions”. The library will consist of religious books, audio and video etc and will be hosted as ONLINE DIGITAL LIBRARY on www.Lareb.Net.

Apart from the efforts made by the trust any person can get book of any religion typed in Unicode form and seek services of Trust. The contributors can also include prayer message for their relatives who got expired or can put advertisement of their business etc. is. For more you may contact on +91 9213344558. Thank you.